कहानी का हीरो जो की एक प्रेस रिपोर्टर रहता है उसे उसके एडिटर द्वारा एक कस्बे में रेलमाता के मंदिर पर स्टोरी करने बोला जाता है, हीरो को पता चलता है की उसके परिवार का इतिहास इस जगह जुड़ा हुआ है तो उसकी उत्सुकता बढ़ जाती है,
हीरो को वहां पहुच के पता चलता है रेलमाता के मंदिर के तार बरसो पुरानी एक रेल दुर्घटना से जुड़े हुए है, जो की दुर्घटना ग्रस्त मानी जाती है लेकिन रेल के कोई भी हिस्सा बरामद नही होता
रेल दुर्घटना ग्रस्त हुई की नही
हुई तो बरामद क्यों नही हुई
रेल के साथ उसके यात्री कहाँ गए
हीरो के परिवार का रेल दुर्घटना से क्या संबंध है
इन सब प्रश्नों के उत्तर जानने के लिए पढ़िए
वेद प्रकाश कंबोज का नया(पुराना) उपन्यास
"रेलगाड़ी का भूत"
By आलोप(भोकाल)

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