उपन्यास का नाम : मौत अब दूर नही
लेखक : अजिंक्य शर्मा
फॉर्मेट : ई-बुक
पृष्ठ संख्या : 178
समीक्षा by संजय आर्य 
 
  समीक्षा : -  यह लेखक का प्रथम उपन्यास है लेकिन यकीन मानिए जबआप  अंतिम पृष्ठ पर पहुँच कर उपन्यास खत्म करेंगे आप को कही से नही लगेगा कि यह प्रथम उपन्यास है।
कहानी शुरू होती है एक छोटे से शहर वैशालीनगर के एक रेस्टोरेंट  से ।   सौम्या का  दो साल की शादी के बाद डाइवोर्स हो जाता है और अपनी बहन लीना के कहने पर   एक दिन "ऑनलाइन ब्लाइंड डेट " के लिए सौम्या इसी रेस्टोरेंट में जाती है जहाँ उसकी मुलाकात अपने एक्स- हस्बैंड पुलिस ऑफिसर कपिल मिश्रा  के दोस्त अर्नब से होती है  ।इसके बाद अचानक थोड़ी देर के लिए लाइट चली जाती है और  किसी लड़की के चीखने की आवाज़ आती है और जब लाइट आती है तो रेस्टोरेंट के  वाशरुम में एक आदमी की लाश मिलती है जिसकी नृशंस हत्या कर हत्यारा खून से "गुड रिडेन्स " लिख कर चला जाता है 
फिर सौम्या के एक्स हस्बैंड कपिल मिश्रा की एंट्री होती है लाश के पास से कपिल मिश्रा को सौम्या की फ़ोटो मिलती है । और  कपिल मिश्रा इस मर्डर की मिस्ट्री को सुलझाने में लग जाता है लेकिन एक के बाद हत्याओं का सिलसिला शुरू हो जाता है और गुत्थी और उलझती जाती है ।
कौन था नृशंस हत्या  करनेवाला?
"गुड रिडेन्स" लिखने का हत्यारे का क्या मकसद था? 
इसका जवाब आपको उपन्यास के अंतिम पृष्टों में मिलेगा ।

यह एक थ्रिलर मर्डर मिस्ट्री है और उपन्यास का केंद बिंदु है एक सायको किलर । कपिल मिश्रा का  इन्वेस्टीगेशन करने का स्टाइल आपको बहुत पसंद आएगा  । उपन्यास की सबसे बड़ी खासियत है इसकी नवीनता से भरी कहानी।आम मर्डर मिस्ट्री  उपन्यास के परे यह  वास्तविकता के करीब है और  भाषा बहुत ही सरल रोचक और रोजमर्रा के जीवन मे बोली जाने वाली है । उपन्यास में बहुत जगह हास्य और व्यंग्य से भरे संवाद का लेखक ने बढ़िया इस्तेमाल किया है  ।जो मुझे बेहद पसंद आया ।

इस उपन्यास अंत बहुत ही शानदार है जो आपको चौका देगा । और इसके पात्रों से आप जरूर फिर से मिलना चाहेंगे। सस्पेंसफुल थ्रीलर मर्डर मिस्ट्री पढ़ना चाहते है तो अवश्य पढे । उपन्यास किंडल पर उपलब्ध है ।

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