सम्राट (कॉमिक्स समीक्षा)

सम्राट
लेखक:तरुण कुमार वाही
संपादक:संजय गुप्ता
सह संपादक:मनीष गुप्ता


इजिप्ट  हमेशा से ऐसा देश रहा जिसकी रहस्यमई कहानियां लोगो को अपनी ओर आकर्षित करती रही है
तूतेन खामेन, पिरामिड, किलियोपैत्रा, फेराओं, मिश्र से संबंधित कुछ ऐसे नाम जो पाठको को हमेशा से अपनी तरफ आकर्षित करते है
सम्राट की कहानी भी कुछ इन्हीं किरदारों के आस पास बुनी गई है,कहानी शुरू होती करनबशी (नागराज का एक दुस्मन) से जिसके हाथ लग गया है एक अतिप्राचीन नक्शा जो उसे ले जाता है पिरामिड के अंदर, 
पिरामिड के अंदर जाकर उसे पता चलता है किलॉपैत्रा की महल और उसके सक्ती की श्रोत किलोपैट्रा के राजदंड के बारे में,
लेकिन राजदंड पाना इतना आसान भी नहीं था, राजदंड पाने के लिए एक नक्शे की जरूरत पड़ने बाली थी, जिसका एक हिस्सा सुपर कमांडो धुव्र के और एक हिस्सा होता नागराज के पास

क्या करनबसी नक्शे का दोनों हिस्सा प्राप्त कर सका
क्या उसे कीलोपैत्रा का राजदंड मिल सका
क्या किलोपिट्रा हजारों साल बाद फिर से जिंदा हो सकी
सबसे बड़ा सबाल क्या कारण दुनिया का सम्राट बन सका
ये सभी प्रश्नों का जवाब आपको राज कॉमिक्स की कॉमिक्स सम्राट और उसका दूसरा पार्ट सुडांगी पड़ने के बाद मिल जाएगी

कहानी का थीम अच्छी है , लेकिन  इसमें अनावश्यक मारधाड़ और एक्शन सीन बहुत ज्यादा है ,  एक्शन- सीन कम होते तो ये जबरदस्त कॉमिक्स साबित होती।

रेटिंग: 6.5/10

             "आशीष रंजन"

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