असली खिलाड़ी
लेखक:स्वर्गीय वेद प्रकाश शर्मा सर
पृष्ठ संख्या:319
मूल्य:20
लेखक का यह ऐसा उपन्यास है, जिसमे उपन्यास के बारे में उन्होंने खुद लिखा है-
" इस उपन्यास को लिखते समय मैंने बहुत एन्जॉय किया है,"
इस उपन्यास को पड़ते समय लेखक महोदय ने पाठको को एक चेतावनी दी है कि इस उपन्यास का लास्ट पृष्ठ किसी भी हालत में पहले ना पढ़े,( ये राय मैं भी अपनी तरफ से दे रहा हूं, अगर इस उपन्यास की लास्ट पृष्ठ के एक भी अक्षर पर आप की नजर पढ़ गई तो ये उपन्यास आपके लिए बेकार हो जाएगी, आप इसे फिर ना ही पढ़े तो बेहतर है)
अब आते है कहानी पर,
आप खुद एक बात सोच कर देखिए, आप सन्डे को अच्छा भला सुबह सुबह सो कर उठे,और अपनी फोटो अखबार के पहले पन्ने पर छपे देखे और नीचे लिखा हो, इस आदमी को हम नहीं जानते हैं, लेकिन विश्वस्त सुत्रो से पता चला है की जल्द ही इसकी हत्या होने बाली है,
अब बताइए आप की हालत कैसी होगी,
कुछ ऐसा ही बाक्या इस उपन्यास के मेन कैरेक्टर अनूप राजबंसी के साथ हुआ, बेचारे के होश ही पाख्ता हो गए,
फिर कहानी में इंट्री होती है सुपारी किलर कुंडा की जिसके बारे में एक बात फेमस है, जिसकी सुपारी कुंडा ने ले ली उसको फिर भगवान भी नहीं बचा सकता,
कहानी थोड़ी आगे बढ़ती है, तो आगमन होता है इंस्पेक्टर वारिश खान की, जो बेहद ही घाघ और चालक है,उसने अपनी काबिलियत से ये तो पता लगा लेता है कि अनूप राजवंशी की हत्या कौन करने वाला है, लेकिन ये पता नहीं लगा पाता की क्यों करने वाला है,
ईधर तब तक कुंडा अनूप राजवंशी पर तीन अटैक कर चुका होता है, और तीनों ही नाकाम हो चुके होते है,जिसके बारे में फेमस है कुंडा के शिकार को भगवान भी नहीं बचा सकता, उसके तीन अटैक से अनूप राजवंशी बच चुका था,
क्या ये अनहोनी थी, या कोई और प्लांनिंग चल रही थी?? ,
जैसा कि वेद सर के हर उपन्यास में होता है आप अपने दिमाग के घोड़े को कितना ही दौड़ा लीजिए, अंत आपके सोच के विपरित ही होगा, इस उपन्यास में भी कुछ ऐसा ही होता है।
और मेरा यकीन कीजिए जब आप उपन्यास का अंत पढ़िएगा तो वाह वाह कर उठिएगा,आपके शरीर का एक एक रोम से पसीना निकल जायेगा, मन में सिर्फ एक ही बात" ऐसी भी प्लांनिंग हो सकती है क्या ??"
रहस्य और रोमांच से भरपूर ऐसा अनोखा उपन्यास जिसे हर उपन्यास प्रेमी को अवश्य ही पढ़ना चाहिए ।
रेटिंग 9.9/10
नोट: इस उपन्यास का अंतिम पृष्ठ पहले ना पढ़े
समीक्षा - आशीष रंजन ( उज्जैन)

शर्मा सर का एक अद्भुत शाहकार जिसमे शुरू से अंत तक पाठक रहस्य और रोमांच में डूबे जाता है। अदभुत समीक्षा...
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