पांच पति , बादशाह -परशुराम शर्मा

उपन्यास
1 पांच पति
2 बादशाह
लेखक : परशुराम शर्मा
क्या हो जब आपका सामना अज्ञात दुश्मन से हो? एक हत्यारा आपका इंतजार कर रहा है और आपके पास अनजानी जगह में मात्र आपका रिवॉल्वर ही आपका साथी हो। ऐसे ही खतरनाक सफर में प्राइवेट जासूस बेसली पाल को जाना पढ़ता है।
इसकी पृष्ठभूमि में न्यूयार्क शहर है।
कहानी शुरू होती है - एक फोन कॉल से "मिस फ़्लोरा "प्राइवेट जासूस बेसली पाल को अपनी जान बचाने के लिए हायर करती है । उसके अनुसार शहर से बाहर एकांत जगह "रोजविला" में कोई उसकी हत्या करना चाहता है।और वहाँ तीनो बहने अकेली है।इस बर्फीले तूफान भरी रात में उनके पास कोई और रास्ता भी नही है।

फिर पाल को रोजविला से फ़्लोरा की दूसरी बहन" मरसीयाना "का भी फोन आता है कि उसकी जान खतरे में है अभी वह कोई निर्णय ले ही रह था कि फ़्लोरा की सबसे छोटी बहन "डिसेंटी" का भी उसको फोन आता है की वो जल्दी से पहुँचे। तीनो बहनों के एक के बाद एक फोन आने से बेसली पाल रोज विला पहुचता है और केस की इन्वेस्टीगेशन शुरू करता है। उसको पता चलता है कि फ़्लोरा का एक प्रेमी बूस्टर वहां छुपा हुआ है जो उस रात उनकी जान लेना चाहता है । उनके अंकल एक हादसे में गुजर चुके है। और तीनों बहन "गॉडमदर " के संरक्षण में रह रही है।
कहानी में ट्विस्ट उस समय आता है जब बेसली पाल पर एक रहस्यमय नकाबपोश जानलेवा हमला करता है और बेसली पाल का एक के बाद एक रहस्यों से सामना होता है जिसमे वो उलझकर रह जाता है।
बेसलिपाल जब मामले की तह में जाता है तो उसके सामने आती है तीनो बहनों के अंकल की विचित्र वसीयत । और जब रहस्यमयी नकाबपोश का उससे शतरंज का खेल शुरू होता है और सामने आता है गुजरे अतीत में हुई करोड़ो की लूट का खेल ।
कौन था वो रहस्यमयी नकाबपोश?
क्या बेसलीपाल उनकी जान बचाने में सफल हुआ?
विचित्र वसीयत और "पांच पति" का क्या रहस्य था?
या बेसली पाल ख़ुद एक साजिश का शिकार था ?
इसके लिए उपन्यास पढ़ना होगा।
नावेल शुरू से आखिरी तक बहुत ही रोचक है और पाठक को बांधे रखता है।
उपन्यास दो भाग में है। दूसरा भाग "बादशाह" है



इस उपन्यास के शेष अनुतरित प्रश्नों के जवाब इसके दूसरे भाग "बादशाह" की कहानी में मिलते है।जो सूर्यनगर में शुरू होती है। इसमें एक अदभुत पात्र से पाठक रूबरू होता है 'सरदास' जो सूरदास की तरह अंधा है लेकिन कमाल की दिमागी काबिलियत रखता है और उलझे केसों को सुलझाने में महारत हासिल है।
ऐसे ही "बादशाह " में आपको ये पात्र मिस्ट्री सुलझाता नजर आएगा।उपन्यास के शुरू से अंत तक यह पात्र आपको प्रभवित करता नजर आएगा।
पांच पति और बादशाह वह शानदार कथानक है जिसके माध्यम से परशुराम शर्मा ने लेखन जगत में धमाकेदार वापसी की थी और एक उम्दा लेखक के रुप मे स्वयं को पुनर्स्थापित किया था।यह दोनो ही उपन्यास का कथानक ऐसा है कि पाठक वर्षों तक इसको याद रखेगा।और निश्चित रूप से आप भी लेखक के प्रशंसकों में शामिल हो जाएंगे।

रेटिंग-8/10

संजय आर्य


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