एक लाश का चक्कर

 एक लाश का चक्कर- अनुराग कुमार जीनियस

लेखक - अनुराग कुमार जीनियस




यह एक  तेज रफ्तार जासूसी उपन्यास है । कहानी की शुरुआत झील में अटकी हुई एक लाश से शुरू होती है ।पुलिस की छानबीन से पता चलता है की वो लाश वासु नाम के व्यक्ति की है और वासु के कमरे से एक फोटो  मिलता है ,जिसमें वासु और एक व्यक्ति साथ में होता है  जिसका नाम प्रभु है जो अपनी प्रेमिका तमन्ना के साथ रह रहा होता है। पुलिस जब प्रभु से  फोटो के बारे में पूछती है तो प्रभु कहता है कि मैंने इस व्यक्ति को पहले कभी नहीं देखा ना ही मैं  इसे जानता हूं और इसके साथ मेरी फोटो कैसे आ गई यह मैं नहीं जानता वह अपने आप को निर्दोष बताता है  कोई उसे फसाना चाहता है किसी ने उसके खिलाफ साजिश रची है कड़ी छानबीन करके असली कातिल को पकड़ने के लिए विनती करता है तब असली कातिल को पकड़ने के लिए जासूस चेतन और धर्मा की मदद लेते हैं फिर चेतन और धर्मा सदिग्ध लोगों की छानबीन में जुट जाते हैं तहकीकात में कई ऐसे लोग मिलते हैं जिनके पास कत्ल करने की ठोस वजह भी होती है लेकिन फिर भी कातिल पकड में नहीं आता है l
वाशु का कातिल कौन है? और कत्ल करने की वजह क्या है? 
क्या वाकई मे प्रभु निर्दोष है? 
क्या जासूस चेतन और धर्मा असली कातिल को पकड़ सके?
ऐसे ही अनेकों सवालों के जवाब पाने के लिए उपन्यास पढना पडेगा
 मुझे चेतन और धर्मा की जोड़ी अच्छी लगी और कहानी का अन्त तो चौकाने वाला था  उपन्यास में रहस्य और इन्वेस्टीगेशन है और तेजी से बदलते घटनाक्रम है जिससे कारण  उपन्यास शुरू से अंत तक रोचक बन पड़ा है ।

             समीक्षक- डाॅ राज वर्मा

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